DB Cooper Mastery: 55 साल बाद नहीं भूला DB Cooper! प्लेन हाईजैक कर 2 लाख डॉलर लेकर हुआ था गायब

D.B.Cooper  दुनिया के सबसे चर्चित और unsolved crimes में से एक है। 24 नवंबर 1971 को डैन कूपर नाम के एक शख्स ने अमेरिका में Northwest Orient Airlines की Flight 305 को hijack कर लिया और बदले में 2 लाख अमेरिकी डॉलर की ransom money और चार parachutes मांगे। Seattle पहुंचने पर उसने सभी passengers को छोड़ दिया, लेकिन खुद plane में ही रहा। इसके बाद उसने उड़ते हुए विमान से parachute के सहारे छलांग लगा दी और रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया। FBI ने कई सालों तक उसकी तलाश की, लेकिन उसकी असली identity का पता नहीं चला। साल 1980 में Columbia River के किनारे ransom money के 5,800 डॉलर मिले, लेकिन बाकी पैसों और कूपर का कोई ठोस सुराग नहीं मिला। कुछ लोगों का मानना है कि वह safely बच निकला था, जबकि दूसरों के मुताबिक parachute से छलांग लगाते समय उसकी मौत हो गई होगी। सितंबर 2016 में FBI ने इस केस की active investigation बंद कर दी, लेकिन डीबी कूपर आखिर कौन था और उस रात उसके साथ क्या हुआ, यह mystery आज भी unsolved है।

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DB Cooper Mystery: 5 रहस्यमयी सबूत और एक अनसुलझी कहानी

DB Cooper Mystery: 5 रहस्यमयी सबूत और एक अनसुलझी कहानी
DB Cooper Mystery: 5 रहस्यमयी सबूत और एक अनसुलझी कहानी

Key Highlights: इस कहानी की 5 बड़ी बातें

– साल 1971 में एक शख्स ने अमेरिका में एक यात्री विमान को हाईजैक किया था।
– उसने फिरौती में 2 लाख डॉलर और चार पैराशूट मांगे थे।
– यात्रियों को छोड़ने के बाद वह विमान में ही रह गया और उड़ते विमान से पैराशूट के सहारे कूद गया।
– FBI ने दशकों तक उसकी तलाश की, लेकिन उसकी असली पहचान साबित नहीं हो सकी।
– इस मामले में कुछ सबूत जरूर मिले, पर आज भी यह पक्का नहीं है कि डीबी कूपर आखिर था कौन और उसके साथ क्या हुआ।

1. D.B.Cooper Mystery की शुरुआत: एक टिकट, एक ब्रीफकेस और गायब आदमी

दुनिया में कई ऐसे अपराध हुए हैं, जिनके आरोपी कुछ दिनों या महीनों में पकड़े गए। लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जो सालों तक पुलिस और जांच एजेंसियों को उलझाए रखते हैं। DB Cooper Mystery ऐसी ही एक सच्ची घटना है। इसमें एक आदमी ने हवाई जहाज में सफर किया, फिरौती मांगी, पैसे लिए और उड़ते विमान से छलांग लगा दी। इसके बाद वह कहां गया, किसी को पक्के तौर पर पता नहीं चला।

DB Cooper Mystery से जुड़ा 1971 का बोइंग 727 विमान और ऐतिहासिक हाईजैक की घटना
DB Cooper Mystery से जुड़ा 1971 का बोइंग 727 विमान और ऐतिहासिक हाईजैक की घटना

जरा सोचिए आप किसी विमान में सफर कर रहे हों और अचानक पता चले कि आपके साथ बैठा आदमी कोई आम मुसाफिर नहीं, बल्कि हथियार लेकर आया हाईजैकर है। ऊपर से वह विमान के कर्मचारियों को धमकी देकर लाखों डॉलर मांग रहा हो। उस दौर में आज जैसी डिजिटल निगरानी, हर जगह CCTV और तुरंत उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड की व्यवस्था नहीं थी। फिर भी FBI जैसी एजेंसी ने इस केस की जांच में कई साल लगाए। इस मामले में सबसे दिलचस्प बात यह नहीं है कि उस शख्स ने पैसे कैसे हासिल किए। असली सवाल है कि इतनी बड़ी घटना के बाद वह आखिर गायब कैसे हो गया? उसने अपना नाम डैन कूपर बताया था। मीडिया में कहानी फैलने के बाद उसका नाम डीबी कूपर पड़ गया। आज इसी नाम से यह मामला दुनिया भर में जाना जाता है। असली नाम की पुष्टि कभी नहीं हुई। इसलिए उसे किसी एक असली व्यक्ति के नाम से जोड़ देना सही नहीं होगा।

2. 24 नवंबर 1971 को आखिर क्या हुआ था?

अब कहानी को थोड़ा पीछे ले चलते हैं। तारीख थी 24 नवंबर 1971। अमेरिका के ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड शहर में एक आदमी नॉर्थवेस्ट ओरिएंट एयरलाइंस के काउंटर पर पहुंचा। उसने सिएटल जाने वाली फ्लाइट नंबर 305 का टिकट खरीदा। टिकट पर उसने अपना नाम डैन कूपर (Dan Cooper) बताया। टिकट नकद पैसे देकर खरीदा गया था। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामूली दिखने वाला सफर इतिहास के सबसे चर्चित रहस्यों में शामिल हो जाएगा।

DB Cooper Mystery में इस्तेमाल हुई नॉर्थवेस्ट ओरिएंट एयरलाइंस की ऐतिहासिक फ्लाइट 305
DB Cooper Mystery में इस्तेमाल हुई नॉर्थवेस्ट ओरिएंट एयरलाइंस की ऐतिहासिक फ्लाइट 305

विमान में बैठने के बाद उसने क्या किया?

विमान में बैठने के बाद वह आदमी शांत रहा। उसने Bourbon और Soda नाम का एक पेय मंगवाया और अपनी सीट पर बैठ गया। उड़ान शुरू होने के कुछ देर बाद उसने एक फ्लाइट अटेंडेंट को पर्ची दी। उसमें लिखा था कि उसके ब्रीफकेस में बम है और वह चाहती है कि उसके पास बैठ जाए। जब उसने ब्रीफकेस खोला, तो अंदर तारों और लाल रंग की छड़ों जैसी चीजें दिखाई गईं। असली बम था या नकली, इसकी पूरी पुष्टि नहीं हो सकी। लेकिन उस समय विमान में मौजूद कर्मचारियों के लिए खतरा असली था। उसने अपनी मांगें बताईं और फ्लाइट अटेंडेंट के जरिए पायलट तक संदेश पहुंचाया। इसके बाद विमान में बैठे सभी लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई।

उस दिन विमान में कितने लोग थे?

FBI के रिकॉर्ड के अनुसार, विमान में 36 यात्री मौजूद थे। विमान सिएटल पहुंचा तो कूपर ने फिरौती की रकम और पैराशूट के बदले यात्रियों को छोड़ दिया। सोचिए उन लोगों के लिए वह सफर कितना डरावना रहा होगा। टिकट खरीदते समय किसी ने नहीं सोचा होगा कि घर पहुंचने से पहले उन्हें एक हाईजैक की घटना से गुजरना पड़ेगा।

3. D.B.Cooper कौन था? उसकी असली पहचान क्यों नहीं मिली?

DB Cooper की पहचान इस केस का सबसे बड़ा सवाल है। जांच के दौरान उसके चेहरे, कपड़ों और व्यवहार के बारे में जानकारी जुटाई गई, लेकिन कोई ऐसी पहचान सामने नहीं आई जिसे अदालत में साबित किया जा सके। FBI के अनुसार वह लगभग 40 वर्ष की उम्र का दिखाई देता था। उसने गहरे रंग का बिजनेस सूट, सफेद शर्ट और काली टाई पहनी थी। उसके चेहरे और रंग-रूप को लेकर भी गवाहों ने जानकारी दी थी।

D.B.Cooper
D.B.Cooper

क्या DB Cooper उसका असली नाम था?

नहीं, इसका कोई पक्का सबूत नहीं है। विमान का टिकट खरीदते समय उसने डैन कूपर नाम बताया था। बाद में अखबारों और मीडिया में उसका नाम डीबी कूपर चल पड़ा। यानी जिस नाम से आज यह रहस्य मशहूर है, वह भी संभवतः मीडिया की गलती या गलत रिपोर्टिंग से लोकप्रिय हुआ। FBI ने यह भी बताया है कि उसने डीबी नाम के शुरुआती अक्षरों वाले एक व्यक्ति से पूछताछ की थी, लेकिन वह हाईजैकर नहीं था।

क्या वह कोई प्रशिक्षित पैराशूट विशेषज्ञ था?

यह सवाल आज भी चर्चा में रहता है। एक तरफ उसने विमान से कूदने का फैसला किया, दूसरी तरफ उसने रात के अंधेरे में, खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच छलांग लगाई। उसके पास विमान के बारे में कुछ जानकारी होने की संभावना जताई जाती है। लेकिन यह कहना कि वह पक्का सैनिक, पूर्व पायलट या पेशेवर पैराशूट विशेषज्ञ था, उपलब्ध सबूतों से साबित नहीं होता। यही इस केस की खास बात है: कई अनुमान हैं, मगर अनुमान और सबूत में फर्क होता है।

4. DB Cooperने फिरौती में क्या मांगा था?

कूपर ने अपनी मांगों में दो चीजों पर खास जोर दिया था—पैसे और पैराशूट। उसने विमान के कर्मचारियों के जरिए पायलट तक अपनी शर्तें पहुंचाईं। उसने 2 लाख अमेरिकी डॉलर की मांग की थी। यह रकम 20 डॉलर के नोटों में मांगी गई थी। इसके साथ चार पैराशूट भी मांगे गए थे।

चार पैराशूट क्यों मांगे गए?

यह बात काफी दिलचस्प है। कूपर ने केवल एक पैराशूट नहीं मांगा बल्कि चार पैराशूट की मांग रखी। एक संभावना यह है कि वह अधिकारियों को यह अंदाजा नहीं लगाने देना चाहता था कि वह खुद कूदेगा या किसी और को भी पैराशूट की जरूरत पड़ेगी। लेकिन उसने चार ही क्यों मांगे, इसकी निश्चित वजह मालूम नहीं है। पैराशूट मिल जाने का मतलब यह भी नहीं था कि उसका बच निकलना तय हो गया था। रात में उड़ते विमान से कूदना अपने आप में जानलेवा जोखिम था।

2 लाख डॉलर आज के हिसाब से कितने होते?

1971 के 2 लाख डॉलर आज की रकम के बराबर नहीं हैं, क्योंकि समय के साथ महंगाई के कारण पैसे की खरीदने की ताकत बदलती है। सटीक तुलना के लिए अमेरिकी Consumer Price Index (CPI) के आंकड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। बिना किसी खास तारीख और गणना के आज की रकम का कोई पक्का आंकड़ा बताना ठीक नहीं होगा। फिर भी इतना समझ लीजिए कि यह उस समय भी एक बड़ी फिरौती थी। खास बात यह थी कि कूपर ने रकम को छोटे नोटों में मांगा, ताकि उसे ले जाना आसान रहे।

5. विमान से कूदने के बाद क्या हुआ?

सिएटल पहुंचने पर कूपर को पैसे और पैराशूट दे दिए गए। इसके बाद उसने यात्रियों को जाने दिया, लेकिन विमान के कुछ कर्मचारियों को अपने साथ रुकने के लिए कहा। विमान दोबारा उड़ान पर निकला। कूपर ने उसे मैक्सिको सिटी की दिशा में ले जाने का निर्देश दिया। हालांकि विमान सीधे उस शहर तक नहीं पहुंचा। रास्ते में ही वह गायब हो गया।

DB Cooper Mystery में इस्तेमाल हुए बोइंग 727 विमान की पिछली सीढ़ियों का दृश्य
DB Cooper Mystery में इस्तेमाल हुए बोइंग 727 विमान की पिछली सीढ़ियों का दृश्य

विमान के पिछले दरवाजे का क्या रोल था?

बोइंग 727 विमान के पिछले हिस्से में सीढ़ियों की व्यवस्था थी। कूपर ने विमान के पिछले हिस्से का इस्तेमाल करके छलांग लगाई। रात के समय सिएटल और रेनो के बीच कहीं, उसने पैराशूट और फिरौती की रकम के साथ विमान से छलांग लगा दी। विमान के पायलट सुरक्षित उतर गए, लेकिन कूपर का कोई पता नहीं चला।

क्या वह जमीन पर उतरकर भाग गया था?

यह संभव है, मगर साबित नहीं है। जिस इलाके में उसके कूदने का अनुमान लगाया गया, वहां जंगल, ऊबड़-खाबड़ जमीन और रात का अंधेरा जैसी चुनौतियां थीं। अगर वह जमीन पर सुरक्षित उतर भी गया हो, तो उसके सामने एक और मुश्किल थी—पैसे लेकर बिना पहचान बताए गायब हो जाना। और अगर वह गिरकर घायल हो गया या पानी में जा गिरा, तो उसके बचने की संभावना कम हो सकती थी। लेकिन उस रात वास्तव में क्या हुआ, यह बताने वाला कोई पक्का गवाह या निर्णायक सबूत सामने नहीं आया। वह सफलतापूर्वक भागा था या छलांग के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी? इसी सवाल ने इस कहानी को पांच दशक से भी ज्यादा समय तक जिंदा रखा है।

6. FBI की जांच और मिले सबूत

इस घटना की जांच FBI ने NORJAK नाम से की। यह नाम Northwest Hijacking से बना था। जांच के दौरान अधिकारियों ने विमान की तलाशी ली, गवाहों से पूछताछ की और देश भर से मिले सुरागों को जांचा। शुरुआती वर्षों में सैकड़ों लोगों को संभावित संदिग्ध माना गया। जांच के दौरान कई लोगों पर विचार किया गया, लेकिन आखिर में ज्यादातर को सूची से बाहर कर दिया गया।

FBI की डीबी कूपर जांच से जुड़े ऐतिहासिक सबूत और काली टाई
FBI की डीबी कूपर जांच से जुड़े ऐतिहासिक सबूत और काली टाई

 1: काली टाई

कूपर ने विमान में काली टाई पहनी थी। वह टाई विमान में छूट गई और जांच अधिकारियों के हाथ लगी। इस टाई को लेकर बाद में फॉरेंसिक जांच की गई। इससे कुछ जैविक सामग्री मिलने की बात सामने आई, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान निर्णायक रूप से साबित नहीं हो सकी। पुराने केस में DNA की जांच भी आसान नहीं होती। समय के साथ नमूने खराब हो सकते हैं, और यह भी जरूरी है कि मिले हुए जैविक निशान उसी अपराधी के हों।

2: फिरौती के नोट

साल 1980 में ब्रायन इंग्राम नाम के एक बच्चे को वॉशिंगटन राज्य में कोलंबिया नदी के किनारे रेत में दबे हुए नोट मिले। जांच में पाया गया कि उन नोटों के सीरियल नंबर कूपर को दी गई फिरौती की रकम से मेल खाते थे। कुल रकम करीब 5,800 डॉलर थी। यह घटना बहुत अहम थी, क्योंकि पहली बार फिरौती की रकम का कुछ हिस्सा ऐसी जगह मिला जहां से जांच को नया मोड़ मिल सकता था। लेकिन एक मुश्किल बनी रही। अगर कूपर ने कुल 2 लाख डॉलर लिए थे, तो बाकी पैसे कहां गए? नदी के किनारे मिले नोट वहां कैसे पहुंचे? क्या वह खुद वहां गया था, या पानी के बहाव से नोट उस जगह तक पहुंचे? इन सवालों का पक्का जवाब नहीं मिला।

3: पैराशूट और विमान से जुड़ी जानकारी

कूपर ने जिन पैराशूटों की मांग की थी, उनमें से कुछ विमान में छोड़ दिए गए थे। FBI ने पैराशूट, बैग और विमान से जुड़े दूसरे सबूतों का अध्ययन किया। उसके छलांग लगाने के तरीके को देखते हुए यह सवाल भी उठता है कि क्या उसे पैराशूट चलाने का अनुभव था। उपलब्ध जानकारी से यह तय नहीं हुआ कि उसने सुरक्षित लैंडिंग की थी या नहीं।

क्या इन सबूतों से उसकी पहचान हो सकती थी?

हर सबूत कुछ जानकारी देता है, लेकिन हर जानकारी किसी आरोपी का नाम नहीं बताती। टाई से व्यक्ति की पहचान साबित नहीं हुई। नोटों से यह साबित हुआ कि मिले हुए पैसे उसी फिरौती से जुड़े थे, लेकिन कूपर का ठिकाना नहीं मिला। पैराशूट के सबूतों ने घटना को समझने में मदद की, मगर उसका भविष्य नहीं बताया। इसी वजह से जांच लंबे समय तक चलती रही।

7. DB Cooper जिंदा बचा था या मर गया?

डीबी कूपर मिस्ट्री का सबसे बड़ा सवाल यही है कि छलांग लगाने के बाद वह जिंदा बचा था या नहीं। इस बारे में दो मुख्य संभावनाएं मानी जाती हैं।

पहली संभावना: वह सुरक्षित बच निकला

कुछ लोगों का मानना है कि कूपर को पैराशूट का अनुभव था। उसने सोच-समझकर विमान से छलांग लगाई और किसी सुनसान जगह पर उतरकर भाग गया। इस संभावना के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि उसकी लाश कभी नहीं मिली और उसकी पूरी फिरौती भी बरामद नहीं हुई। लाश न मिलना अपने आप में जिंदा बचने का सबूत नहीं है। उसके सुरक्षित भागने का भी कोई निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया।

दूसरी संभावना: छलांग के दौरान उसकी मौत हो गई

दूसरी संभावना यह है कि कूपर रात में खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के कारण सुरक्षित नहीं उतर पाया। उस समय तापमान, अंधेरा, तेज हवा और नीचे मौजूद जंगल या पानी उसके लिए बड़ा खतरा हो सकते थे। अगर वह सही जगह पर नहीं उतरा, तो उसके बचने की संभावना काफी कम हो सकती थी। इस विचार के समर्थन में भी कोई ऐसा निर्णायक सबूत नहीं है, जो उसकी मौत की पुष्टि कर सके।

सच क्या है?

सच यही है कि दोनों संभावनाएं खुली हैं। जब तक कोई ऐसा ठोस सबूत नहीं मिलता, जिससे उसकी पहचान या अंतिम स्थिति का पता चले, तब तक किसी एक कहानी को सच कहना जल्दबाजी होगी।

8. DB Cooper कूपर से जुड़े प्रमुख संदिग्ध

समय के साथ कई लोगों के नाम इस मामले से जोड़े गए। इनमें कुछ पूर्व सैनिक थे, कुछ पैराशूट से जुड़े अनुभव वाले लोग और कुछ ऐसे व्यक्ति जिनकी जिंदगी के कुछ हिस्से जांचकर्ताओं को दिलचस्प लगे। लेकिन किसी व्यक्ति का हुलिया मिलता-जुलता होना या उसे पैराशूट चलाना आता होना, उसे अपराधी साबित नहीं करता।

रिचर्ड फ्लॉयड मैककॉय

रिचर्ड मैककॉय का नाम इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चित संदिग्धों में शामिल है। वह पूर्व सैनिक था और पैराशूट चलाने का अनुभव रखता था। 1972 में उसने एक अलग विमान हाईजैक की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें उसने फिरौती मांगी और पैराशूट से भागने की कोशिश की। उसके मामले और डीबी कूपर की घटना में कुछ समानताएं होने के कारण लोगों ने दोनों को जोड़कर देखा। लेकिन FBI ने मैककॉय को डीबी कूपर नहीं माना। दोनों घटनाओं में समानता होना उनकी पहचान एक होने का प्रमाण नहीं है।

अन्य संदिग्धों के नाम

वक्त-वक्त पर दूसरे लोगों के नाम भी सामने आए। कुछ परिवारों ने अपने रिश्तेदारों पर शक जताया, तो कुछ स्वतंत्र जांचकर्ताओं ने अलग-अलग सिद्धांत रखे। इनमें से कई दावों को लेकर किताबें, डॉक्यूमेंट्री और टीवी कार्यक्रम बने। लेकिन किसी संदिग्ध की पहचान को निर्णायक रूप से साबित नहीं किया जा सका।

9. DB CooperMystery की तुलना दूसरे अपराधों से

इस केस की खासियत समझने के लिए इसे दूसरे विमान हाईजैक मामलों से तुलना करके देख सकते हैं।

यह तुलना बताती है कि दो घटनाओं में समानता होने के बावजूद उनके नतीजे अलग हो सकते हैं। हर केस को उसके अपने सबूतों के आधार पर समझना जरूरी है।

10. इस रहस्य से जुड़ी गलतफहमियां

इंटरनेट पर डीबी कूपर की कहानी से जुड़े कई दावे मिलते हैं। इनमें से कुछ दिलचस्प जरूर हैं, मगर हर दावा सही नहीं है।

FBI को पता है कि वह कौन था

इस बात का कोई सार्वजनिक, निर्णायक प्रमाण नहीं है। FBI ने जांच की, कई लोगों से पूछताछ की और बहुत सारे सुरागों पर काम किया, लेकिन उसकी असली पहचान साबित नहीं हो सकी।

वह निश्चित रूप से सुरक्षित बच गया था

नहीं। उसकी लाश नहीं मिलने का अर्थ यह नहीं है कि वह जरूर बच गया। सुरक्षित उतरने का कोई पक्का प्रमाण भी नहीं मिला।

नदी में मिले सारे पैसे उसके थे

नदी के किनारे मिले 5,800 डॉलर के नोटों के सीरियल नंबर फिरौती की रकम से मेल खाते थे। लेकिन पूरी फिरौती वहां नहीं मिली थी।

वह जरूर कोई पूर्व सैनिक था

उसके व्यवहार और पैराशूट के इस्तेमाल के कारण ऐसा अनुमान लगाया गया। लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि वह पूर्व सैनिक या प्रशिक्षित पैराशूट विशेषज्ञ था।

 डीबी कूपर की पहचान कभी सामने नहीं आ सकती

यह भी पक्का नहीं कहा जा सकता। भविष्य में कोई नया दस्तावेज, फॉरेंसिक नतीजा या विश्वसनीय सबूत सामने आ सकता है। हालांकि ऐसा होने की गारंटी भी नहीं है।

11. इस Case की अच्छी और बुरी बातें

यहां अच्छी और बुरी बातों का मतलब अपराध के फायदे-नुकसान नहीं, बल्कि जांच और सार्वजनिक समझ के नजरिए से है।

इस केस से क्या सीख मिलती है?

– फॉरेंसिक सबूत की अहमियत: पुराने मामले में छोटी-सी चीज भी जांच को नई दिशा दे सकती है।
– गवाहों की जानकारी जरूरी होती है: घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और यात्रियों की बातों से कई अहम सुराग मिले।
– अनुमान और तथ्य अलग हैं: किसी व्यक्ति पर शक करना और उसका अपराध साबित करना दो अलग बातें हैं।
– पुराने मामलों में धैर्य जरूरी है: कई बार जांच में नई तकनीक आने पर पुराने सबूत दोबारा देखे जाते हैं।

इस केस की सीमाएं क्या रहीं?

– अपराधी की असली पहचान का पता नहीं चल पाया।
– फिरौती की ज्यादातर रकम बरामद नहीं हुई।
– उसकी छलांग और अंतिम ठिकाने के बारे में निर्णायक सबूत नहीं मिले।
– कई संदिग्धों के नाम सामने आए, लेकिन किसी के खिलाफ ऐसा प्रमाण नहीं मिला जो डीबी कूपर की पहचान साबित कर दे।

यह मामला बताता है कि बड़ी जांच एजेंसियों के पास संसाधन होने के बावजूद हर रहस्य का जवाब मिलना जरूरी नहीं है।

12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: डीबी कूपर कौन था?

डीबी कूपर उस अज्ञात व्यक्ति का लोकप्रिय नाम है, जिसने 24 नवंबर 1971 को अमेरिका में एक यात्री विमान हाईजैक किया था। उसने फिरौती ली और विमान से पैराशूट के सहारे छलांग लगा दी। उसकी असली पहचान आज तक साबित नहीं हुई।

सवाल 2: डीबी कूपर ने कितने पैसे मांगे थे?

उसने 2 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी थी। रकम 20 डॉलर के नोटों में दी गई थी। बाद में करीब 5,800 डॉलर के नोट कोलंबिया नदी के किनारे मिले थे, जिनके सीरियल नंबर फिरौती की रकम से मेल खाते थे।

सवाल 3: क्या डीबी कूपर जिंदा बच गया था?

इसका पक्का जवाब नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि वह सुरक्षित भाग गया था, जबकि दूसरे लोग मानते हैं कि छलांग के दौरान उसकी मौत हो गई होगी। किसी भी संभावना की निर्णायक पुष्टि नहीं हुई है।

सवाल 4: क्या FBI ने डीबी कूपर को पकड़ लिया था?

नहीं। FBI ने दशकों तक इस मामले की जांच की, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान डीबी कूपर के रूप में निर्णायक ढंग से साबित नहीं कर सकी। सितंबर 2016 में FBI ने सीमित संसाधनों को दूसरी प्राथमिकताओं पर लगाने के लिए इस मामले की सक्रिय जांच बंद करने की घोषणा की थी। इसका मतलब यह नहीं कि रहस्य सुलझ गया था।

सवाल 5: क्या रिचर्ड मैककॉय ही डीबी कूपर था?

इसका कोई पक्का प्रमाण नहीं है। मैककॉय ने 1972 में एक अलग विमान हाईजैक किया था और उसके मामले में पैराशूट से भागने जैसी समानताएं थीं। लेकिन FBI ने उसे डीबी कूपर नहीं माना।

सवाल 6: डीबी कूपर मिस्ट्री आज भी इतनी मशहूर क्यों है?

इसकी सबसे बड़ी वजह है कि अपराधी ने फिरौती हासिल की, विमान से छलांग लगाई और फिर उसका कोई पक्का पता नहीं चला। उसके बारे में कई सिद्धांत हैं, लेकिन कोई निर्णायक जवाब नहीं। यही अधूरी कहानी लोगों की दिलचस्पी बनाए रखती है।

Source –  https://www.fbi.gov/history/cases-and-criminals/db-cooper-hijacking

Note : जानकारी और सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है। जिन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, उन्हें संभावना या अनुमान के रूप में ही समझें।

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